ग्राम प्रधान के प्रयासों से गांव में विकास के लगे चार चांद, जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

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रिपोर्टर – संदीप कुमार   

स्थान – गौसगढ़

प्रधान बनना हर कोई चाहता है लेकिन गांव बदलने की शपथ शायद ही कोई हजारो में एक होता है जो कि आमजन की समस्या को देखते हुए अपने गांव में हर एक समस्या का निवारण करता है| बात करते हैं जिला शामली उत्तर प्रदेश के गांव गौसगढ़ ग्राम पंचायत के जो आज अन्य ग्राम प्रधानो के लिए एक प्रेरणा बन गए अभी एक साल भी नहीं हुआ और पुरे परदेस में यह ग्राम पंचायत प्रसिद्ध हो हो गई है|  गौसगढ़ गांव की कार्य योजना देख कर ब्लॉक से लेकर लखनऊ तक शायद ही ऐसा कोई विभाग या फिर कोई अधिकारी होगा जो ग्राम पंचायत  गौसगढ़ को नहीं जानता होगा जब कोई राजनीति में आता है बहुत बड़े बड़े वादे करता है लेकिन धरातल पर देखने को कुछ नहीं मिलता| लेकिन गौसगढ़ ग्राम पंचायत के प्रधान ने वह काम कर दिखाएं जोके धरातल पर भी नजर आ रहे हैं और उच्च अधिकारी ग्राम प्रधान के कार्यों को देख कर ग्राम प्रधान की लगातार प्रशंसा किए जा रही है,

आइये एक नजर गांव पर डाले पांच साल पहले गांव में बहुत बड़े पैमाने पर छोटे-छोटे बच्चों से नशे का कारोबार कराया जाता था और गांव में कैमिकल्स शराब से कई लोगो की मृत्यु तक हो गयी थी, लेकिन वोट बैंक को देखते हुए शराब बंद कराने की किसी की आवाज नहीं आयी सबसे पहले नीरज ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला शामली से मिलकर गांव  को शराब मुक्त करने का संकल्प लिया और एक पैसे की शराब चुनाव के दौरान किसी भी किसी भी तरह की कोई शराब नहीं परोसी जाएगी | शायद उत्तर प्रदेश का पहला गांव होगा जो पंचायत चुनाव बिना शराब के जीता हो और यही से ये गांव अधिकारियो की नजरो में आना शुरू हो गया ये ही नही गांव का पानी ख़राब होने की वजह से अपने घर पर ही पानी का फ़िल्टर प्लांट लगा दिया जो हर घर में हर दिन एक कैम्पर बिलकुल फ्री ठंडा करके दिया जाता है| जिसे देखने बड़े बड़े अधिकारी आये और ग्राम प्रधान को सम्मानित किया |

गांव के मुक्तिधाम की व रास्ते की यह दुर्दशा थी स्वय ग्राम प्रधान की माँ की मर्त्यु हो गयी थी जिसे मुक्तिधाम तक नहीं ले जाया सका था आज उस रास्ते को इतना सुंदर एवं एवं स्वच्छ बना दिया कि वहां पर बच्चे अपना वर्कआउट भी कर सकते है| स्कूल को देखे तो जिस तरह स्कूल में पार्क ट्रैक बन गया है स्कूल स्टाफ की हर माह मीटिंग होती है, उसे देख कर कही से नहीं लगता ये सरकारी स्कूल है जिसका फर्क भी साफ़ दिखाई दे रहा है| गौसगढ़ स्कूल को १४ मैडल मिल चुके है कहते है शहर ओर गांव का फर्क देखना हो तो रात को गांव में जाकर देखना लेकिन गौसगढ़ रात को भी शहर ही नजर आता है| गांव के हर खम्भे पर स्ट्रीट लाइट लगी है, बिजली आये या ना आये घर से ही पुरे गांव की सोलर प्लांट से पूरा गांव जगमगाता रहता है, अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा था रात को भी जगमगाता है गौसगढ़ जो बिलकुल सही है गाव तो बहुत दूर शायद शहर में भी हर खम्भे पर स्ट्रीट लाइट हो लेकिन ऐसा गांव गौसगढ़ है

बात सुरक्षा की आयी तो पुरे गांव में फायबर लाइन बिछा कर cctv कैमरे लगा दिए शायद ही कोई ऐसा गांव हो जो पुरे गांव में फायबर से cctv कैमरे हो कही भी कोई भी लावारिस शव मिले उसका धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार कराते है जिसे लेकर पूर्व के बड़े अधिकारी कई बार सम्मानित कर चुके है गौसगढ़ ग्राम प्रधान के कार्य को देख कर कल दिनांक 8-3-22 जिले के सभी उच्चाधिकारियों के साथ शामली की जिलाधिकारी महोदय ने ग्राम प्रधान को सम्मान पत्र दिया जो गांव की जनता को समर्पित है क्योकि उन्होंने शराब के बिना रिकॉर्ड जीत दी है ऐसे गांव से हम सब को कोई ना कोई सीख लेनी चाहिए|