स्थान : बाज़पुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा


उत्तराखंड में गन्ना किसानों की समस्याओं को दूर करने की दिशा में धामी सरकार एक और पहल करने जा रही है। गन्ने की कटाई, छिलाई, लदाई और ढुलाई की समस्या को कम करने के लिए शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू किया गया है। सरकार का मानना है कि यह मशीन किसानों के साथ-साथ चीनी मिलों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।


उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्यमंत्री मंजीत सिंह राजू ने बताया कि गन्ना विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गन्ना मंत्री सौरभ बहुगुणा के मार्गदर्शन में किसानों के हित में कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को नई किस्म का गन्ना बीज उपलब्ध कराने के साथ ही गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान कराने की दिशा में भी काम किया गया है।


दर्जा राज्यमंत्री ने कहा कि अब गन्ना किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या गन्ने की छिलाई, कटाई, लदाई और ढुलाई को लेकर है। इसी समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उनका कहना है कि शुगरकेन हार्वेस्टर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


इसी क्रम में किसानों और अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ गुजरात जाकर शुगरकेन हार्वेस्टिंग मशीन का निरीक्षण और परीक्षण किया गया। मंजीत सिंह राजू ने बताया कि मशीन की कार्यक्षमता देखने के बाद पाया गया कि यह किसानों और चीनी मिलों दोनों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।


उन्होंने बताया कि मशीन के संचालन में करीब तीन लोगों की जरूरत पड़ती है और इसके माध्यम से लगभग पांच एकड़ गन्ने की कटाई और छिलाई कर उसे मिल तक भेजा जा सकता है। इससे किसानों का समय और श्रम दोनों बचने की उम्मीद है। साथ ही गन्ने की कटाई और ढुलाई की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।


मंजीत सिंह राजू ने किसानों से आधुनिक तकनीक को अपनाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गन्ने की लागत कम करने और समय की बचत के लिए किसानों को नई तकनीक के अनुसार गन्ने की बुवाई और खेती करनी होगी। इसके लिए किसानों को पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक कृषि तकनीक को भी अपनाना होगा।




दर्जा राज्यमंत्री ने बताया कि शक्तिमान कंपनी की शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन लंबे समय से देश-विदेश में अपनी उपयोगिता साबित कर रही है। उनका कहना है कि उत्तराखंड के गन्ना किसानों के लिए भी ऐसी मशीनें उपलब्ध होने से कटाई और छिलाई की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में गन्ने की उपलब्धता बढ़ाने और बेहतर गन्ना नीति तैयार करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री, गन्ना मंत्री, गन्ना सचिव, गन्ना आयुक्त और चीनी मिलों के प्रबंध निदेशकों को सुझावों सहित पत्र भेजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन सुझावों को स्वीकार किए जाने पर गन्ना किसानों के साथ-साथ प्रदेश के चीनी उद्योग को भी बड़ा फायदा होगा।

मंजीत सिंह राजू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गन्ना मंत्री सौरभ बहुगुणा से जल्द से जल्द प्रदेश में शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध कराने की अपील की है। अब देखना होगा कि सरकार इस प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेती है और आधुनिक हार्वेस्टिंग मशीनों को किसानों तक पहुंचाने के लिए किस तरह की व्यवस्था तैयार की जाती है।

