वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने सीएम को भेजा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने सीएम को भेजा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा में कुमाऊं मंडल के वंचित राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। आंदोलनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बने 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब भी करीब 12 हजार परिवार अपने सम्मान और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों का अलग-अलग वर्गों में वर्गीकरण कर उन्हें अलग-अलग स्लैब के आधार पर महज 5500 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा महंगाई के दौर में यह राशि बेहद कम है और आंदोलनकारियों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है।

ज्ञापन में आंदोलनकारियों ने मांग की कि पूरे जिले स्तर पर वंचित राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण किया जाए। इसके साथ ही राज्य आंदोलनकारियों के लिए लागू 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को वास्तविक रूप से लागू करते हुए वंचित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की गई।

आंदोलनकारियों ने पूर्व सैनिक राज्य आंदोलनकारियों की दोहरी पेंशन के कारण बंद पड़ी पेंशन को दोबारा शुरू करने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से आंदोलनकारियों की इन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है, जिससे प्रभावित परिवारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ज्ञापन के माध्यम से सभी चिन्हित 12 हजार आंदोलनकारियों को राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा देने की मांग भी की गई। आंदोलनकारियों ने कहा कि उन्हें लोकतंत्र सेनानियों की तर्ज पर 20 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जानी चाहिए, ताकि राज्य निर्माण आंदोलन में उनके योगदान का उचित सम्मान हो सके।

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि एक ही जिले में चिन्हीकरण के लिए अलग-अलग मानक अपनाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि कई वास्तविक आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण रद्द कर दिया गया है। अकेले खटीमा के 253 आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण रद्द किए जाने की बात भी आंदोलनकारियों ने कही।

10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को लेकर भी आंदोलनकारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि आरक्षण लागू होने के बावजूद अब तक मात्र सात लोगों को ही नियुक्ति मिल पाई है। इसी मुद्दे को लेकर देहरादून स्थित शहीद स्थल पर पिछले 65 दिनों से धरना जारी रहने की बात आंदोलनकारियों ने कही।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे आंदोलनकारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो चंपावत, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल समेत पूरे कुमाऊं मंडल के आंदोलनकारी एक सितंबर को शहीद दिवस के अवसर पर उग्र विरोध दर्ज कराएंगे। आंदोलनकारियों ने कहा कि वह अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे भी जारी रखेंगे।

फिलहाल वंचित राज्य आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर लंबित मांगों का समाधान करने की अपील की है। अब देखना होगा कि शासन स्तर पर इन मांगों को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं और आंदोलनकारियों का प्रस्तावित विरोध किस दिशा में आगे बढ़ता है।