वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस का रुख कायम, हरक सिंह रावत ने भाजपा पर साधा निशाना

वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस का रुख कायम, हरक सिंह रावत ने भाजपा पर साधा निशाना

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस हाईकमान की ओर से यह स्पष्ट किए जाने के बाद कि पार्टी की ओर से वंदे मातरम का पूरा गायन नहीं किया जाएगा, अब उत्तराखंड कांग्रेस भी केंद्रीय नेतृत्व के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है।

उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने वंदे मातरम को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरा वंदे मातरम नहीं गाएगी। उनके इस बयान के बाद उत्तराखंड की सियासत में इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।

हरक सिंह रावत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस किसी के दबाव में आकर अपने फैसले नहीं लेगी। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या कांग्रेस भाजपा के टट्टू हैं कि भाजपा जो कहे, कांग्रेस वही करे। उनके इस बयान को भाजपा पर सीधे राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है।

पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस संविधान को मानने वाली पार्टी है और संविधान के अनुसार ही अपने फैसले लेती है। उन्होंने कहा कि पार्टी बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान का पालन करती है और संविधान की भावना के अनुरूप ही अपनी राजनीतिक दिशा तय करेगी।

हरक सिंह रावत ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस का रुख किसी दबाव या राजनीतिक मजबूरी का परिणाम नहीं है। पार्टी अपने निर्णय संवैधानिक मूल्यों और अपने राजनीतिक दृष्टिकोण के आधार पर लेती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने फैसलों पर कायम रहेगी।

वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। भाजपा की ओर से कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस अपने निर्णय को लेकर लगातार सफाई दे रही है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।

उत्तराखंड कांग्रेस ने भी केंद्रीय नेतृत्व के रुख का समर्थन करते हुए स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पार्टी इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं की ओर से संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देकर पार्टी के फैसले को उचित ठहराया जा रहा है।

वहीं, हरक सिंह रावत के बयान ने इस विवाद को उत्तराखंड की सियासत में भी और गर्म कर दिया है। भाजपा पर उनके तीखे हमले के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू होने की संभावना है। दोनों दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में बयानबाजी और तेज हो सकती है।

फिलहाल वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस का रुख स्पष्ट है कि वह पूरा गायन नहीं करेगी। उत्तराखंड में भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व के फैसले के साथ खड़े होने का संदेश दिया है। ऐसे में राष्ट्रगीत को लेकर शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद अब किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।