स्थान : खटीमा
रिपोर्टर :अशोक सरकार


ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र के ग्राम कुटरी पचौरिया में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बंदरों के झुंड लगातार आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे हैं और लोगों पर हमला करने के साथ-साथ घरों और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग ने बंदरों को पकड़ने का अभियान तेज कर दिया है।


ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले काफी समय से बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। झुंड के रूप में बंदर घरों और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थिति यह है कि ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए भी घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतनी पड़ रही है।


बंदरों के हमले को लेकर सबसे ज्यादा चिंता स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर है। ग्रामीणों के मुताबिक बंदर कई बार लोगों पर हमला कर चुके हैं। इसके अलावा घरों में घुसकर सामान को नुकसान पहुंचाने और खाद्य सामग्री उठा ले जाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।


ग्राम प्रधान दीपा देवी ने बताया कि बंदरों के आतंक के कारण ग्रामीणों में भय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि लोगों को घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। ग्राम प्रधान ने मांग की कि यदि बंदरों के हमले में किसी व्यक्ति या बच्चे के साथ गंभीर दुर्घटना होती है तो पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा भी दिया जाना चाहिए।

बंदरों की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने 21 अगस्त को उपजिलाधिकारी खटीमा को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की थी। इसके बाद वन विभाग ने बंदर पकड़ने की कार्रवाई को और तेज कर दिया।


वन क्षेत्राधिकारी खटीमा हरेंद्र बिष्ट ने बताया कि ग्राम पचौरिया में एक महिला को बंदर ने काट लिया था। उन्होंने बताया कि मई महीने से ही क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है। विभाग की टीम लगातार अभियान चलाकर आबादी वाले इलाकों से बंदरों को पकड़ रही है।



वन विभाग के अनुसार अब तक 168 बंदर पकड़े जा चुके हैं, जबकि हाल ही में एक ही दिन में 30 बंदरों को पकड़ा गया। विभाग का अभियान आगे भी जारी रहने की बात कही गई है, ताकि ग्रामीणों को बंदरों के आतंक से राहत दिलाई जा सके।

पकड़े गए बंदरों को वन विभाग की टीम रेस्क्यू सेंटर रानीबाग ले जा रही है। वहां उनका बधियाकरण कराया जा रहा है। विभाग का कहना है कि बंदरों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने और आबादी वाले क्षेत्रों में उनके बढ़ते आतंक को कम करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल वन विभाग की कार्रवाई से ग्रामीणों को कुछ राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बंदरों की समस्या लगातार बढ़ रही है और केवल पकड़ने की कार्रवाई से समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं होगा। ऐसे में अब वन विभाग और प्रशासन के सामने ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के साथ बंदरों की बढ़ती संख्या पर प्रभावी नियंत्रण की चुनौती बनी हुई है।

