चिड़ियाघर में पशुओं-पक्षियों के लिए बड़ी ठंड, उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान ने की उचित व्यवस्था

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रिपोर्टर- (ललित जोशी-सहयोगी धर्मा चन्देल)

स्थान- नैनीताल

सरोवर नगरी नैनीताल में जहां ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। तो वही दूसरी ओर नैनीताल के चिड़ियाघर में भी ठंड से बचाने के लिये और पशुओं, पक्षियों को  गर्मी देने के लिए शहद, मांस, चावल की खीर, चने की रोटी और दूध दिया जा रहा है ।  बाघ के लिए गर्म हवा फैंकने वाले ब्लोवर की भी व्यवस्था की गई है ।

 नैनीताल के उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान(चिड़ियाघर/ज़ू)में इन दिनों कडकडाती ठण्डी हवाओं के चलते जानवरों को भी गर्म खाना दिया जा रहा है । नैनीताल जू प्रबंधन ने जानवरों के लिये खास इंतजाम किए हैं। जानवरों के लिए दिन में तो मौसम जितना खुशनुमा होता है, रात में उतनी ही ज्यादा ठण्ड पड रही है। दोपहर में तो ये जानवर धूप का लुफ्त उठा रहे है, लेकिन सर्द रातों की ठंडक इन बेजुबानों को परेशान कर रही है। जू प्रबंधन काले भालुओं को विशेष तौर पर अतिरिक्त शहद और गुड़ के साथ चावल की खीर और चने की रोटी के साथ दूध दे रहा है। वहीं मांसाहारी जानवरों को दिये जाने वाले प्रोटीन युक्त मांस की मात्रा भी बढ़ा दी गई है। प्राणी उद्यान में रेड पांडा को अंडे, शहद, सेब, केले और रिंगाल दिया जा रहा है। वहीं पक्षियों को अतिरिक्त मात्रा में अंडो के साथ सब्जी, गेहू, बाजरा दिया जा रहा है ताकि पक्षियों के शरीर में गर्मी बनी रहे।

वनाधिकारी बिजुलाल टीआर ने बताया की ठंड हवाओं से जानवरों को बचाने के लिये सभी बाड़ों को सुबह और शाम के वक्त तिरपाल से ढका जा रहा हैं। इसके साथ ही ज़ू की शान बंगाल टाइगर को गर्म रखने के लिए ब्लोवर की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद नैनीताल ज़ू में पर्यटकों की अच्छी भीड़ देखने को मिली जिससे ज़ू के राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई। अक्टूबर में आई आपदा के कारण पर्यटन पर बड़ा असर पड़ा है। वनाधिकारी ने बताया कि दार्जिलिंग ज़ू के साथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत रेड पांडा, मारखोर और हिम तेंदुए को लाने के भी लिए तैयारी की जा रही है |