

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार


खटीमा खटीमा में राणा थारू समाज ने धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर कड़ा विरोध जताया है। राणा थारू परिषद के प्रवक्ता एवं राणा थारू युवा मंच के अध्यक्ष बयान सिंह राणा ने आरोप लगाया है कि जनजाति समाज के गरीब लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि समाज के कई लोगों द्वारा धर्म परिवर्तन करने के बावजूद अभी भी वे अनुसूचित जनजाति (एसटी) को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, जो कि पूरी तरह अनुचित है। इस मुद्दे को लेकर समाज में गहरी नाराजगी है।



बयान सिंह राणा ने बताया कि इस संबंध में समाज का प्रतिनिधिमंडल पहले भी दो बार मुख्यमंत्री से मिल चुका है और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है।


इसी क्रम में उपजिलाधिकारी तुषार सैनी के समक्ष राणा थारू समाज का प्रतिनिधिमंडल पेश हुआ और अपनी मांगें रखीं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जो लोग थारू जनजाति छोड़कर ईसाई धर्म अपना चुके हैं, और फिर भी बीडीसी सदस्य, ग्राम प्रधान जैसे पदों पर चुने गए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।

समाज का कहना है कि धर्म परिवर्तन के बाद एसटी कोटे से चुनाव लड़ने का अधिकार समाप्त हो जाता है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग प्रभाव और स्थिति के कारण चुनाव जीत गए हैं, जो नियमों के खिलाफ है।


इस मामले की निगरानी और चिन्हांकन के लिए राणा थारू युवा मंच और राणा थारू सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये संगठन ऐसे जनप्रतिनिधियों की पहचान कर प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेंगे।



वहीं उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने बताया कि समाज द्वारा धर्मांतरण और सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो कार्मिकों के माध्यम से क्षेत्र में सर्वे कराया जाएगा और नियमों के विरुद्ध लाभ लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान एडवोकेट पूनम राणा, दान सिंह राणा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष खटीमा, रविंद्र सिंह राणा, जितेंद्र सिंह राणा और अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के संकेत दिए हैं, जबकि समाज ने इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है।

