पंजाब में 2027 चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति पर मंथन, CM फेस या सामूहिक नेतृत्व पर सस्पेंस

पंजाब में 2027 चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति पर मंथन, CM फेस या सामूहिक नेतृत्व पर सस्पेंस

ब्यूरो रिपोर्ट

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस में रणनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी इस बार मुख्यमंत्री चेहरे (CM फेस) की घोषणा करेगी या सामूहिक नेतृत्व के फॉर्मूले पर चुनाव लड़ेगी, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है।

हाल ही में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बयान ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है। उन्होंने कहा था कि 2027 का चुनाव कांग्रेस पार्टी मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ेगी। इसके बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या कांग्रेस इस बार सीएम फेस घोषित करने से बचने की रणनीति अपना रही है।

गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर चुनाव लड़ा था और सत्ता में वापसी की थी। वहीं 2022 के चुनाव में पार्टी ने चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम फेस घोषित किया था, लेकिन उस चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा और आम आदमी पार्टी ने भगवंत मान के नेतृत्व में भारी बहुमत से सरकार बनाई।

2022 के बाद से पंजाब की राजनीति में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई है। कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ जैसे वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। वहीं चरणजीत सिंह चन्नी अब सांसद हैं और नवजोत सिंह सिद्धू भी सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं।

इस समय विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे नेता पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर एक स्पष्ट चेहरा अभी तक सामने नहीं आया है।

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस इस बार गुटबाजी से बचने के लिए सामूहिक नेतृत्व मॉडल पर विचार कर रही है। पार्टी का मानना है कि पहले चुनाव जीतना जरूरी है और उसके बाद मुख्यमंत्री पद पर निर्णय लिया जा सकता है।

कांग्रेस नेतृत्व यह भी समझ रहा है कि 2022 चुनाव में सीएम फेस को लेकर हुई अंदरूनी खींचतान का नुकसान पार्टी को उठाना पड़ा था। इसी कारण इस बार पार्टी किसी भी तरह की आंतरिक असंतोष की स्थिति से बचना चाहती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजा वडिंग का हालिया बयान भी इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें पार्टी हाईकमान के नेतृत्व में एकजुटता दिखाने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब में अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करना और आम आदमी पार्टी के बढ़ते प्रभाव को रोकना है। ऐसे में सीएम फेस की घोषणा होगी या नहीं, यह आने वाले समय में पार्टी की रणनीति पर निर्भर करेगा।