हरेला पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को मिली नई गति, मालदेवता में हुआ वृक्षारोपण

हरेला पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को मिली नई गति, मालदेवता में हुआ वृक्षारोपण

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर “हर गाँव का यही पैगाम-एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत मालदेवता में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन, विधायी एवं संसदीय कार्य, निर्वाचन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल रहे। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, टिहरी गढ़वाल लोकसभा सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह तथा रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री सुबोध उनियाल ने रुद्राक्ष का पौधा लगाकर किया और प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

अपने संबोधन में मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वृक्ष लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उनका संरक्षण और संवर्धन करना है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा, जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण प्रदान करें। उन्होंने बताया कि हरेला पर्व के अवसर पर पूरे प्रदेश में इस वर्ष दो करोड़ पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है, जबकि पहले चरण में एक ही दिन दस लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।

वन मंत्री ने कहा कि हरेला प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है। वृक्ष, नदियाँ और वन्यजीव हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं तथा इनके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण के साथ-साथ उनका संवर्धन भी आवश्यक है। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और वनों की सुरक्षा को सभी की साझा जिम्मेदारी बताते हुए जनसहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया।

सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब विकास और प्रकृति के बीच संतुलन कायम रखा जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रकृति संरक्षण की इस मुहिम में सहभागी बनने की अपील की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने वनों की रक्षा करते हुए शहीद हुए वन कर्मियों तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष में जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने मौलश्री, टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह ने महोगनी तथा रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने कदम्ब का पौधा रोपित किया। नरेश बंसल ने कहा कि हरेला उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और पर्यावरण के प्रति आस्था का प्रतीक पर्व है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से पौधारोपण करने के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। वहीं सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह और विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने भी वृक्षारोपण को सामाजिक दायित्व बताते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित रखने की अपील की।

वन विभाग के अनुसार हरेला अभियान के तहत प्रदेश के सभी 40 वन प्रभागों के 3791 स्थलों पर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य के हरित आवरण को बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना तथा जनभागीदारी के माध्यम से प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।