

स्थान : नैनीताल
रिपोर्टर : संजय जोशी

उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक परंपरा एवं प्रकृति संरक्षण के प्रतीक हरेला पर्व के अवसर पर जनपद नैनीताल में जिला मुख्यालय से लेकर विकास खण्ड, न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और वन पंचायत स्तर तक व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया गया। जनसहभागिता के साथ हजारों पौधे रोपे गए और पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन तथा हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प दोहराया गया। इस दौरान लोगों ने पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया, ताकि रोपे गए पौधे भविष्य में पर्यावरण संवर्धन का आधार बन सकें।


कुमाऊँ आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने कुमाऊँ कमिश्नरी परिसर, नैनीताल में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया। उन्होंने हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के सम्मान और प्रकृति के संरक्षण के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का सामूहिक संकल्प है। इस अवसर पर अपर आयुक्त जीवन सिंह नगन्याल सहित कमिश्नरी के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।



जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी कैम्प कार्यालय परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर सभी जनपदवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा जब प्रत्येक पौधे का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि के दौरान निर्धारित लक्ष्य से अधिक पौधारोपण किया जाए और रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जाए, ताकि वे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में प्रभावी भूमिका निभा सकें।


मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे के नेतृत्व में विकास भवन, भीमताल परिसर सहित विभिन्न क्षेत्रों में बृहद पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने छायादार, चौड़ी पत्ती वाले, फलदार तथा पुष्पीय प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जनभागीदारी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता को भी दर्शाया।

हरेला पर्व के अवसर पर जनपद के सभी विकास खण्ड मुख्यालयों, न्याय पंचायतों, ग्राम पंचायतों और वन पंचायत क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। वन, कृषि, उद्यान, भेषज, सहकारिता तथा ग्राम्य विकास विभाग द्वारा मानसून अवधि के दौरान यह अभियान निरंतर संचालित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित किए जा सकें।

जिलेभर में आयोजित हरेला पर्व के कार्यक्रमों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता को नई ऊर्जा प्रदान की। पौधारोपण के इस व्यापक अभियान के माध्यम से प्रकृति संरक्षण, हरित विकास, स्वच्छ पर्यावरण और सामुदायिक सहभागिता का प्रभावी संदेश दिया गया। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखें।



