गैण्डखाल आयुर्वेदिक चिकित्सालय विवाद की जांच शुरू, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

गैण्डखाल आयुर्वेदिक चिकित्सालय विवाद की जांच शुरू, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

स्थान : पौड़ी गढ़वाल
ब्यूरो रिपोर्ट

यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय गैण्डखाल में 4 जुलाई को हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आयुर्वेद विभाग हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग की चार सदस्यीय जांच टीम सोमवार को चिकित्सालय पहुंची और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी। टीम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से भी घटना की जानकारी ली।

युवक मंगल दल नांद मल्ला के अध्यक्ष अनूप सिंह चौहान ने बताया कि पिछले छह से सात महीनों से चिकित्सालय के कार्मिकों से नियमित रूप से ड्यूटी करने का आग्रह किया जा रहा था, लेकिन उनकी कार्यशैली और व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की अनियमितता के कारण क्षेत्रवासियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अनूप सिंह चौहान के अनुसार, 4 जुलाई को वह चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने महिला फार्मासिस्ट से उपस्थिति पंजिका का विवरण मांगा, जिस पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। इसी घटना का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया और मामला चर्चा का विषय बन गया।

वायरल वीडियो के बाद जांच टीम ने चिकित्सालय पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। जांच के दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई। उन्होंने डॉक्टर और फार्मासिस्ट का 10 दिनों के भीतर स्थानांतरण करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि 4 जुलाई को हुए विवाद की जानकारी विभाग को मिल चुकी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला फार्मेसी अधिकारी के साथ हुए अभद्र व्यवहार और उसके बाद की प्रतिक्रिया के चलते विवाद बढ़ा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

उन्होंने बताया कि मल्ला और झेड ग्राम सभा के ग्राम प्रधानों तथा स्थानीय विधायक की ओर से भी शिकायत पत्र प्राप्त हुए हैं। शिकायतों में चिकित्सालय के कार्मिकों पर नियमित रूप से ड्यूटी न करने और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं। इन शिकायतों और वायरल वीडियो को आधार बनाकर विभाग ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है।

डॉ. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि जांच समिति को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।