

लोकेशन : लंढौरा (हरिद्वार)
ब्यूरो रिपोर्ट

लंढौरा क्षेत्र के गांव जोरासी जबरदस्तपुर में राशन वितरण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने गांव के कोटेदार इनाम कुरैशी पर राशन वितरण में अनियमितता और धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने खाद्य पूर्ति विभाग से कार्रवाई की मांग की है।


ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की ओर से तीन महीने का राशन उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन उन्हें केवल एक महीने का ही राशन दिया जाता है। उनका कहना है कि पात्र लाभार्थियों को पूरा राशन नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे तीन महीने का पूरा राशन मांगते हैं तो कोटेदार उनके साथ अभद्र व्यवहार करता है। इतना ही नहीं, विरोध करने पर राशन न देने और अन्य प्रकार की धमकियां भी दी जाती हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।


ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने पूरे मामले की शिकायत खाद्य पूर्ति विभाग से की थी। शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच भी कराई गई। उनका दावा है कि जांच समिति ने कोटेदार का कोटा निरस्त करने की संस्तुति की थी, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई अंतिम कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई में हो रही देरी से लोगों का विभाग पर विश्वास कमजोर हो रहा है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित कोटेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को उनका पूरा अधिकार मिल सके।


मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


अब निगाहें खाद्य पूर्ति विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि विभाग ग्रामीणों के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कदम उठाता है या नहीं। हालांकि, इस मामले में कोटेदार का पक्ष सामने आना अभी बाकी है और विभाग की आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

