

लोकेशन : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। लक्सर क्षेत्र की बालावाली स्थित नीलधारा गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।


प्रशासन को आशंका है कि यदि पहाड़ों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे बसे एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है। हालात पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।


बाढ़ की दृष्टि से गंदासपुर, महाराजपुर, बालावाली, डुमनपुरी, चंद्रपुरी, दल्लावाला, नाईवाला सहित नीलधारा गंगा के किनारे बसे कई गांवों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में राजस्व, सिंचाई और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।


संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था कर ली है। साथ ही बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सक्रिय रखते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे गंगा नदी के किनारे जाने से बचें और नदी में किसी भी प्रकार की गतिविधि न करें। विशेष रूप से बच्चों और पशुओं को नदी के आसपास न जाने देने की सलाह दी गई है।


अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा है कि यदि क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने या किसी अन्य प्रकार की आपदा जैसी स्थिति दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।



जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है और किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है।

