सात दिन बाद घने जंगल से सकुशल मिली लापता युवती, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू

सात दिन बाद घने जंगल से सकुशल मिली लापता युवती, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

राजस्व उपखंड रानीखेत के मजखाली क्षेत्र से 1 जुलाई से लापता 28 वर्षीय युवती को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की सरियापानी टीम ने सात दिनों तक चले कठिन सर्च अभियान के बाद सकुशल बरामद कर लिया। युवती घने जंगल में घायल अवस्था में मिली, जिसे प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया।

जानकारी के अनुसार, युवती 1 जुलाई की शाम घर से घूमने के लिए निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद 4 जुलाई को जिला नियंत्रण कक्ष (डीसीआर) अल्मोड़ा से सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की सरियापानी टीम को खोज एवं बचाव अभियान के लिए रवाना किया गया।

एसडीआरएफ टीम ने मजखाली, कालिका, दलमोटी, सुंदरखाल, बूबूधाम सहित आसपास के दूरस्थ क्षेत्रों में लगातार सघन तलाशी अभियान चलाया। लगातार बारिश, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने बिना रुके अभियान जारी रखा।

लगातार प्रयासों के बाद 7 जुलाई को अपराह्न करीब 4:30 बजे युवती को सुंदरखाल गांव से लगभग चार किलोमीटर दूर घने जंगल में घायल अवस्था में खोज लिया गया। टीम ने मौके पर ही युवती को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और उसकी स्थिति का आकलन किया।

इसके बाद एसडीआरएफ कर्मियों ने युवती को स्ट्रेचर के माध्यम से लगभग पांच किलोमीटर लंबे दुर्गम पैदल मार्ग से सुरक्षित सड़क तक पहुंचाया। वहां पहले से मौजूद एम्बुलेंस के जरिए उसे उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय रानीखेत भेजा गया।

युवती के सकुशल रेस्क्यू के बाद परिजनों ने एसडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम के साहस, समर्पण और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय पर चलाए गए अभियान से उनकी बेटी की जान बच सकी।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने भी एसडीआरएफ टीम के उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा की है। रेस्क्यू अभियान में उपनिरीक्षक पंकज डंगवाल, हेड कांस्टेबल आशीष रावत, आरक्षी बालम सिंह, होमगार्ड धीरज भारती, होमगार्ड राजेंद्र गिरी, टीसी पवन नेगी तथा डीआर कुलदीप सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।