नॉटिंघम में टीम इंडिया की अग्निपरीक्षा , ट्रेंट ब्रिज की बल्लेबाजों के मुफीद पिच पर जीत की तलाश

नॉटिंघम में टीम इंडिया की अग्निपरीक्षा , ट्रेंट ब्रिज की बल्लेबाजों के मुफीद पिच पर जीत की तलाश

ब्यूरो रिपोर्ट

आयरलैंड दौरे पर निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर भी अब तक जीत का स्वाद नहीं चख सकी है। सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था, जबकि दूसरे टी20 में इंग्लैंड ने जीत दर्ज कर बढ़त बना ली। ऐसे में मंगलवार को ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम में खेले जाने वाला तीसरा टी20 मुकाबला भारतीय टीम के लिए करो या मरो जैसा बन गया है।

भारतीय टीम इस मैच में सीरीज में वापसी की उम्मीदों को जिंदा रखने के इरादे से उतरेगी। यदि टीम इंडिया को इस मुकाबले में भी हार का सामना करना पड़ा, तो इंग्लैंड 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर लेगा और भारत के लिए सीरीज जीतना असंभव हो जाएगा। ऐसी स्थिति में भारत अधिकतम सीरीज बराबरी पर ही समाप्त कर सकेगा। सीरीज जीतने का सपना बनाए रखने के लिए भारत को अब शेष तीनों मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी।

बल्लेबाजों के लिए मुफीद होगी ट्रेंट ब्रिज की पिच

नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां अच्छी उछाल मिलने के साथ पिच हल्की सूखी और खुरदरी रहती है, जिससे स्पिनरों को भी कुछ मदद मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान आसमान में बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में स्विंग मिल सकती है, लेकिन कुल मिलाकर यह विकेट बड़े स्कोर वाले मुकाबले का संकेत दे रही है।

इस मैदान की छोटी बाउंड्री भी बल्लेबाजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। एक ओर की बाउंड्री लगभग 75 मीटर है, जिससे बड़े शॉट खेलना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। ऐसे में दर्शकों को चौकों-छक्कों की बारिश देखने को मिल सकती है।

भारत पर जीत का दबाव

भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की होगी। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन ही टीम को जीत दिला सकता है। वहीं इंग्लैंड की टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

अब सभी की निगाहें ट्रेंट ब्रिज पर टिकी हैं, जहां यह मुकाबला तय करेगा कि भारतीय टीम सीरीज में दमदार वापसी कर पाएगी या इंग्लैंड अपनी पकड़ और मजबूत कर लेगा।