

ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में सोमवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर अब ‘भगवान परशुराम पुरी’ करने को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर नाम परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी।


कैबिनेट बैठक लखनऊ स्थित 5 कालीदास मार्ग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर आयोजित की गई। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री सहित कई मंत्री उपस्थित रहे। इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई।



सरकार के इस निर्णय के बाद जलालाबाद क्षेत्र के नाम परिवर्तन को लेकर सरकारी रिकॉर्ड, मानचित्र और प्रशासनिक दस्तावेजों में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। माना जा रहा है कि जल्द ही इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना जारी की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया था। सीएम ने कहा कि ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के खिलाफ उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा, जिसे आगे चलकर 2019 में धारा 370 हटाकर साकार किया गया।
बैठक में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना, यूपी स्टार्टअप नीति 2026 और डेटा सेंटर नीति 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई। इन नीतियों से राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसके अलावा पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के तहत मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को भी मंजूरी दी गई। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू की जाएगी, जिससे लघु एवं सीमांत किसानों तथा पशुपालकों को पशुधन हानि की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।


कैबिनेट बैठक में विभिन्न जिलों में प्रस्तावित विश्वविद्यालयों से जुड़े फैसले भी लिए गए। इन फैसलों के बाद राज्य में शिक्षा और कृषि क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि ये निर्णय प्रदेश के समग्र विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

