हरिद्वार में ओबीसी संयुक्त मोर्चा का गठन, 50 फीसदी टिकटों की मांग को लेकर होगी महापंचायत

हरिद्वार में ओबीसी संयुक्त मोर्चा का गठन, 50 फीसदी टिकटों की मांग को लेकर होगी महापंचायत

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोट

आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विभिन्न सामाजिक संगठन अपने-अपने वर्गों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग तेज करने लगे हैं इसी क्रम में हरिद्वार में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े ओबीसी वर्ग के लोगों ने पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा का गठन किया है मोर्चा ने सभी राजनीतिक दलों से विधानसभा चुनाव में ओबीसी वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई है।

प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित प्रेस वार्ता में संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी 5 जुलाई को ओबीसी समाज की एक बड़ी महापंचायत आयोजित की जाएगी इस महापंचायत में जिलेभर से विभिन्न सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और ओबीसी समाज के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कहा कि महापंचायत के माध्यम से सभी राजनीतिक दलों से मांग की जाएगी कि हरिद्वार जिले की कुल विधानसभा सीटों में से कम से कम 50 प्रतिशत सीटों पर ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाए उनका कहना है कि राजनीतिक दलों को टिकट वितरण में सामाजिक संतुलन और जनसंख्या के अनुपात का ध्यान रखना चाहिए।

संयुक्त मोर्चा के नेताओं का दावा है कि हरिद्वार जिले में ओबीसी वर्ग की आबादी लगभग 50 प्रतिशत है ऐसे में इस वर्ग का राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी उसी अनुपात में सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि समाज की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभावी रूप से दिखाई दे सके।

प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देता आ रहा है, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में उसे अपेक्षित अवसर नहीं मिल पाए हैं उन्होंने कहा कि अब समाज अपने अधिकारों और उचित भागीदारी के लिए संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगा।

संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि 5 जुलाई की महापंचायत में पारित प्रस्ताव सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को भेजा जाएगा संगठन का कहना है कि यदि ओबीसी वर्ग को उसकी आबादी के अनुरूप प्रतिनिधित्व दिया जाता है तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।