मसूरी में पटरी व्यापारियों और नगर पालिका के बीच बढ़ा विवाद, कर्मचारियों ने कार्रवाई की मांग उठाई

मसूरी में पटरी व्यापारियों और नगर पालिका के बीच बढ़ा विवाद, कर्मचारियों ने कार्रवाई की मांग उठाई

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

माल रोड से हटाए गए पटरी व्यापारियों और नगर पालिका के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। विगत रात्रि नगर पालिका की अतिक्रमण विरोधी टीम ने माल रोड पर अवैध रूप से लगाए जा रहे पटरी व्यापार को हटाने की कार्रवाई की, जिसका कुछ व्यापारियों ने विरोध किया। इस दौरान नगर पालिका के अधिकारियों और व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

जानकारी के अनुसार नगर पालिका ने पूर्व में माल रोड को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से लगभग 130 पटरी व्यापारियों को वहां से हटाने का निर्णय लिया था। इनमें से कई व्यापारियों को अन्य निर्धारित स्थानों पर विस्थापित किया गया है। इसके लिए नगर पालिका द्वारा एक टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) का गठन भी किया गया है, जो पात्र लोगों को वैध रूप से पटरी व्यापार की अनुमति प्रदान करती है।

बताया जा रहा है कि वर्तमान में लगभग 60 से 70 व्यापारियों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके बावजूद कुछ लोग माल रोड पर दोबारा पटरी लगाने का प्रयास कर रहे थे। इसी क्रम में नगर पालिका की अतिक्रमण टीम ने कार्रवाई की, जिसके दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।

घटना के बाद नगर पालिका कर्मचारी संघ में रोष व्याप्त हो गया। कर्मचारियों ने कोतवाली मसूरी पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ लोगों ने अधिशासी अधिकारी तथा नगर पालिका कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। कर्मचारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

नगर पालिका कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश बडोनी ने कहा कि अधिशासी अधिकारी के नेतृत्व में टीम अपना नियमित दायित्व निभा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ कर्मचारियों का मनोबल गिराने का प्रयास किया। उन्होंने प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।

नगर पालिका कर्मचारी संजीव कवि ने कहा कि कर्मचारी शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ की गई अभद्रता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने शासन-प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो नगर पालिका कर्मचारी हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे। संघ का कहना है कि ऐसी स्थिति में शहर की व्यवस्थाओं पर पड़ने वाले प्रभाव की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। फिलहाल इस मामले को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर जारी है और सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।