हैड़ाखान मंदिर परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भव्य आयोजन, 150 से अधिक साधकों ने किया योगाभ्यास

हैड़ाखान मंदिर परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भव्य आयोजन, 150 से अधिक साधकों ने किया योगाभ्यास

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर
: संजय जोशी

रानीखेत स्थित हैड़ाखान मंदिर के मुख्य परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रभर से आए 150 से अधिक योग साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी एवं विधायक प्रमोद नैनवाल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। उद्घाटन के बाद योग सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया।

योग प्रशिक्षक कविता बिष्ट, गरिमा फर्त्याल, विवेक बिष्ट और मुस्कान ने उपस्थित साधकों को योग की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया। प्रशिक्षकों ने योग को सही तरीके से करने की तकनीक और उसके स्वास्थ्य लाभों की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने कहा कि योग और प्राणायाम शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर भोले बाबा आयुर्वेद रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. विजयशील उपाध्याय ने योग की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग को जीवन में आत्मसात कर व्यक्ति निरोगी और संतुलित जीवन जी सकता है। उन्होंने योग को स्वस्थ जीवन की आधारशिला बताया।

चिलियानौला नगर पालिका अध्यक्ष अरुण रावत ने कहा कि योगासनों का नियमित और सही तरीके से अभ्यास करना स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है। सही विधि से किया गया योग शरीर और मन दोनों को लाभ पहुंचाता है।

हैड़ाखान ट्रस्ट के बी.एस. राणा ने योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुष विभाग द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने योग को जनकल्याण का प्रभावी माध्यम बताया।

कार्यक्रम में चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुकेश कुमार गुप्ता ने किया।