

स्थान : पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रवीन सिंह रावत ने पेयजल निगम में लंबे समय से रिक्त पड़े लेखा संवर्ग के पदों को लेकर शासन और विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि निगम में लेखा व्यवस्था कमजोर होने से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका बढ़ गई है।


प्रवीन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड पेयजल निगम में लिपिक वर्गीय ढांचे के तहत कुल 520 पद स्वीकृत हैं। वर्ष 2017-18 में लागू स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार 390 पद सामान्य संवर्ग और 130 पद लेखा संवर्ग के लिए निर्धारित किए गए थे। वर्तमान में लेखा संवर्ग के अधिकांश पद रिक्त पड़े हुए हैं।


उन्होंने कहा कि सामान्य संवर्ग के 390 पदों पर समय-समय पर पदोन्नतियां होती रहती हैं, लेकिन लेखा संवर्ग के 130 पदों पर नियमित नियुक्ति या पदोन्नति नहीं की जा रही है। लेखाकार, मंडलीय लेखाकार, सहायक लेखाधिकारी और वरिष्ठ लेखाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं।

रावत के अनुसार विभाग में वित्तीय और लेखा संबंधी कार्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित मंडलीय लेखाकारों की तैनाती न होने से विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन होता है। ऐसे में अनुभवी लेखा अधिकारियों की अनुपस्थिति गलत भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं की संभावनाओं को बढ़ा सकती है।

पूर्व कर्मचारी नेता ने कहा कि वर्ष 2018 से 2025 तक उत्तर प्रदेश सेवा नियमावली के अंतर्गत पदोन्नतियां होती रही हैं, लेकिन वर्ष 2023 के बाद से लेखा संवर्ग में कोई पदोन्नति या नियमित तैनाती नहीं की गई। उन्होंने इसे विभागीय उदासीनता का परिणाम बताया।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों के पदोन्नति मामलों में तेजी दिखाई जाती है, जबकि लिपिकीय और अन्य कर्मचारी वर्ग की पदोन्नतियों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। इससे कर्मचारियों में असंतोष का माहौल बन रहा है।
प्रवीन सिंह रावत ने पेयजल निगम में भ्रष्टाचार चरम पर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि लेखा संवर्ग की नियमित नियुक्तियां और सेवा नियमावली लागू होने से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने शासन और मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति और पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।

