

स्थान : बदरीनाथ
ब्यूरो रिपोर्ट


अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बयार दिल्ली से लेकर गढ़वाल हिमालय के उच्च हिमालयी क्षेत्रों तक देखने को मिली। इसी क्रम में पवित्र बद्रीनाथ धाम के चरण पादुका क्षेत्र में भी योग दिवस के अवसर पर विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आध्यात्मिक वातावरण में योग साधना की गई।


इस अवसर पर संत रामदास महाराज सहित अन्य महात्माओं के सानिध्य में विदेशी योगियों और स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से योग और मेडिटेशन का अभ्यास किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन का संदेश देना रहा।



योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न प्राणायाम और ध्यान विधियों का अभ्यास किया। पवित्र हिमालयी वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने योग के आध्यात्मिक महत्व को और अधिक गहराई से महसूस कराया।

इस अवसर पर संत रामदास महाराज ने कहा कि योग प्राचीन भारतीय ऋषि-मुनियों द्वारा विश्व को दिया गया अमूल्य उपहार है, जो मनुष्य को आत्मिक शांति और स्वस्थ जीवनशैली प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सकारात्मक बनाने की एक जीवन पद्धति है।
उन्होंने सभी से अपील की कि इस पावन अवसर पर योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से मनुष्य न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी सशक्त बनता है।

कार्यक्रम में शामिल विदेशी योगियों ने भी हिमालय की पवित्रता और योग साधना के अनुभव को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। स्थानीय लोगों ने भी इस आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भरपूर बताया।


बद्रीनाथ धाम के इस योग कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि योग केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे विश्व को जोड़ने वाली एक सार्वभौमिक जीवनशैली बन चुका है।

