

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट


चमोली जिले के थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास सरकारी दवाइयों के जले हुए पैकेट मिलने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।


स्वास्थ्य केंद्र के समीप बड़ी संख्या में सरकारी मुहर लगी दवाइयों के जले हुए पैकेट पाए गए। इन पैकेटों को खुले स्थान पर जलाए जाने के कारण पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी संपत्ति के इस प्रकार निस्तारण की जांच होनी चाहिए।



स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि यदि दवाइयां एक्सपायर हो चुकी थीं तो उनका निस्तारण निर्धारित नियमों और वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए था। खुले में दवाइयों को जलाना पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।


लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि कहीं उपयोग योग्य दवाइयों को भी नष्ट तो नहीं कर दिया गया। यदि ऐसा हुआ है तो इससे सरकारी धन की बर्बादी हुई होगी और मरीजों को मिलने वाली दवाइयों की उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है।

मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी चमोली ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभीषेक गुप्ता ने कहा कि दवाइयों को खुले में जलाना नियमों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवाओं के निस्तारण के लिए विभागीय दिशा-निर्देश निर्धारित हैं, जिनका पालन किया जाना आवश्यक है।


जांच के लिए उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग के चिकित्सा अधीक्षक तथा चीफ फार्मासिस्ट की दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। टीम को पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

