

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में मानसून से पहले आपदा प्रबंधन व्यवस्था को परखने के लिए 2 जुलाई को राज्यव्यापी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह अभ्यास मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर किया जा रहा है, जिसमें सभी 13 जिलों के करीब 70 स्थानों पर एक साथ आपदा परिदृश्यों का अभ्यास होगा।


राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने इस मॉक ड्रिल की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए राहत और बचाव तंत्र की क्षमता का परीक्षण करना है।



अभ्यास के दौरान राहत शिविरों की व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी। इसमें बिजली, पानी, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और संचालन की वास्तविक स्थिति को परखा जाएगा ताकि आपदा के समय किसी प्रकार की कमी न रहे।


इस मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस बल, एनसीसी, एनएसएस और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों की महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी। सभी एजेंसियां मिलकर समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास करेंगी।
ड्रिल के दौरान जलभराव, भूस्खलन, सड़क कट-ऑफ जैसी स्थितियों के साथ-साथ हेली रेस्क्यू ऑपरेशन का भी अभ्यास किया जाएगा। इससे दुर्गम क्षेत्रों में आपात स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने की क्षमता को मजबूत किया जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि यह अभ्यास वास्तविक आपदा परिस्थितियों के करीब होगा, ताकि सभी विभागों की तैयारियों की वास्तविक परीक्षा हो सके। इससे आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।


सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग का मानना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल से न केवल एजेंसियों की क्षमता बढ़ेगी बल्कि आम जनता में भी आपदा के प्रति जागरूकता आएगी।

