

स्थान : अल्मोड़ा
रिपोर्टर : संजय जोशी


उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने जनपद अल्मोड़ा के काकड़ीघाट स्थित ऐतिहासिक ज्ञानवृक्ष (पीपल) पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत उन्होंने कर्कटेश्वर मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।


इस अवसर पर राज्यपाल ने काकड़ीघाट को अद्भुत ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण स्थान बताया। उन्होंने कहा कि यहां आकर आत्मिक शांति का अनुभव होता है और स्वामी विवेकानन्द के विचारों को आत्मसात करने की प्रेरणा मिलती है।



राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक स्थान की अपनी विशिष्ट पहचान और सांस्कृतिक महत्ता होती है, लेकिन काकड़ीघाट का महत्व स्वामी विवेकानन्द की ऐतिहासिक साधना स्थली होने के कारण और भी अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह स्थान उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है।


उन्होंने कहा कि उन्हें उस पावन स्थल को देखने और अनुभव करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जहां स्वामी विवेकानन्द ने ध्यान साधना की थी। यह अनुभव अत्यंत प्रेरणादायक और आध्यात्मिक रूप से ऊर्जा प्रदान करने वाला है।

राज्यपाल ने ज्ञानवृक्ष के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि जिस वृक्ष के नीचे स्वामी विवेकानन्द ने ध्यान लगाया था, उसे वैज्ञानिक विधियों के माध्यम से पुनर्जीवित किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संरक्षण प्रयास न केवल ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा प्रदान करते हैं। यह पहल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


राज्यपाल ने विश्वास जताया कि काकड़ीघाट जैसे आध्यात्मिक स्थल भविष्य में भी लोगों के लिए आस्था, प्रेरणा और आत्मिक शांति का केंद्र बने रहेंगे और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेंगे।

