कर्णप्रयाग घटना पर सिख समाज का आक्रोश तेज, 21 जून तक कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

कर्णप्रयाग घटना पर सिख समाज का आक्रोश तेज, 21 जून तक कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

स्थान : बाजपुर (उधमसिंह नगर)
ब्यूरो रिपोर्ट

कर्णप्रयाग में हुई एक घटना को लेकर सिख समाज में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुद्वारा सिंह सभा बाजपुर के प्रबंधक सरदार कुलविंदर सिंह किंदा ने मामले की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है, जिससे सिख समाज में गहरी नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि न्याय की प्रक्रिया में पक्षपातपूर्ण रवैया किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कुलविंदर सिंह किंदा ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी पक्षों की शिकायतों को समान रूप से दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना में केवल एक पक्ष की सुनवाई न्यायसंगत नहीं मानी जा सकती।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 21 जून तक मामले में क्रॉस मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो सिख समाज को मजबूर होकर बड़ा आंदोलन शुरू करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि समाज न्याय की अपेक्षा कर रहा है और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

किंदा ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा तक उचित कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशभर से सिख समाज के लोग बड़ी संख्या में कर्णप्रयाग पहुंचेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, लेकिन यदि प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं दिखाई तो विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।

इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों की निगाहें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

अब देखना होगा कि 21 जून की समय सीमा से पहले प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है और बढ़ते तनाव को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।