

स्थान : भीमताल
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड एसटीएफ एवं भीमताल पुलिस की संयुक्त टीम ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 2.68 किलोग्राम व्यावसायिक मात्रा की चरस बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 6.75 लाख रुपये बताई जा रही है।


मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान” के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ द्वारा राज्य एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।



इसी क्रम में एसटीएफ की एंटी नार्कोटिक्स कुमाऊं यूनिट ने तकनीकी एवं मैनुअल इनपुट के आधार पर थाना भीमताल क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में चरस बरामद की गई।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अख्तर हुसैन पुत्र कुर्बान अली निवासी ब्लॉक रोड, मल्लीताल, भीमताल तथा विजय सिंह बिष्ट पुत्र गंगा सिंह बिष्ट निवासी ग्राम सुपी, थाना मुक्तेश्वर, जनपद नैनीताल के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.68 किलोग्राम चरस के अलावा तस्करी में प्रयुक्त एक मारुति ऑल्टो कार और एक महिंद्रा पिकअप वाहन भी बरामद किया है। बरामद वाहनों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों से कम कीमत पर चरस खरीदकर मैदानी क्षेत्रों में अधिक दामों पर बेचने का कार्य करते थे। एसटीएफ अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।


एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार मामले में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इन्हें किन क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा था। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने जनता से अपील करते हुए कहा कि नशे से दूर रहें और किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी जैसे अपराधों में शामिल न हों। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी से संबंधित किसी भी सूचना को पुलिस या एसटीएफ तक पहुंचाकर आमजन “ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान” को सफल बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं। राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा

