रामनगर पालिका में 87 लाख की वित्तीय अनियमितता उजागर, जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई

रामनगर पालिका में 87 लाख की वित्तीय अनियमितता उजागर, जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

रामनगर नगर पालिका परिषद में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी नैनीताल की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में करीब 87 लाख रुपये की वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि की है। जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है, जिसके बाद मामले में कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।

जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व अधिशासी अधिकारी महेन्द्र यादव के कार्यकाल में 61 निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। जांच में पाया गया कि कम दर वाली निविदाओं को निरस्त कर बाद में अधिक दरों पर कार्य स्वीकृत किए गए, जिससे नगर पालिका को आर्थिक नुकसान हुआ। इस प्रक्रिया में लगभग 85 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।

इसके अलावा, जी-20 सम्मेलन के दौरान कराए गए एलईडी लाइटिंग कार्यों में भी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, एकल कोटेशन के आधार पर कार्यादेश जारी किया गया तथा जीएसटी भुगतान में भी अनियमितता बरती गई। इस मामले में करीब दो लाख रुपये की अतिरिक्त वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है।

जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

इस प्रकरण के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर नगर पालिका की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। शासन स्तर पर रिपोर्ट के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।