वन तस्करों के लिए खौफ बने रेंजर रूपनारायण गौतम, 30 वर्षों की बेदाग सेवा सम्मानित

वन तस्करों के लिए खौफ बने रेंजर रूपनारायण गौतम, 30 वर्षों की बेदाग सेवा सम्मानित

स्थान : लालकुआँ
ब्यरो रिपोर्ट

तराई केन्द्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज में तैनात वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम वन तस्करों के लिए खौफ और जंगल के लिए सच्चे प्रहरी के रूप में पहचान बना चुके हैं। लगभग 30 वर्षों की बेदाग सेवा में उन्होंने वन संपदा की सुरक्षा के लिए कई बड़े अभियान चलाए हैं।

अपनी सेवा अवधि के दौरान रेंजर रूपनारायण गौतम ने वन तस्करी के खिलाफ सैकड़ों वाहनों को सीज किया, करोड़ों रुपये की अवैध लकड़ी को जब्त कराया तथा दर्जनों वन तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया। उनके नेतृत्व में चलाए गए अभियानों ने वन माफिया नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।

सूत्रों के अनुसार, वन तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कई बार मुठभेड़ों की स्थिति भी बनी, जिसमें रेंजर रूपनारायण गौतम को गोलियां लगीं और उन्होंने गंभीर चोटें भी झेलीं। इसके बावजूद उन्होंने कभी भी अपने कर्तव्य और संकल्प से समझौता नहीं किया और लगातार वन संरक्षण के कार्य में डटे रहे।

जहां एक ओर वन तस्कर उनके नाम से खौफ खाते हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग उन्हें एक सरल, ईमानदार और संवेदनशील अधिकारी के रूप में जानते हैं। उनकी कार्यशैली ने वन विभाग की छवि को और अधिक मजबूत किया है।

लगातार तीन दशकों के संघर्ष, साहस और समर्पण के चलते रूपनारायण गौतम वन विभाग के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं। उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए विभाग की ओर से उन्हें देहरादून में सम्मानित भी किया गया।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रूपनारायण गौतम जैसे जांबाज अधिकारियों की वजह से ही वन संपदा की सुरक्षा संभव हो पा रही है। उनकी उपलब्धियां आने वाले अधिकारियों के लिए एक मिसाल हैं। विभाग ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मान प्रदान किया और उनके कार्य को प्रेरणादायक बताया।