

स्थान : देहरादून
ब्यरो रिपोर्ट


देहरादून स्थित Indian Military Academy (आईएमए) में 158वीं पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu मुख्य अतिथि के रूप में परेड की सलामी लेंगी। समारोह को लेकर अकादमी परिसर में उत्साह और गौरव का माहौल है।


यह पासिंग आउट परेड कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। आईएमए के 94 वर्षों के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट्स पुरुष कैडेट्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ‘अंतिम पग’ पार करेंगी और भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होंगी। यह क्षण भारतीय सेना में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।



इस बार कुल 515 जेंटलमैन और महिला कैडेट्स प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना तथा मित्र देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में शामिल होंगे। इनमें 481 भारतीय कैडेट्स शामिल हैं, जिन्होंने कठिन सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया है।


परेड में 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स भी शामिल हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये कैडेट्स अपने-अपने देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में सेवाएं देंगे। इससे भारत और मित्र देशों के बीच सैन्य सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।
समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण नौ महिला कैडेट्स का भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करना रहेगा। ये महिला कैडेट्स पहली बार पुरुष कैडेट्स के साथ समान रूप से अंतिम पग पार कर सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल करेंगी।

आईएमए की पासिंग आउट परेड सैन्य अनुशासन, परंपरा और गौरव का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर कैडेट्स के परिवारजन, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहेंगे। परेड के दौरान कैडेट्स अपनी उत्कृष्ट ड्रिल और सैन्य कौशल का प्रदर्शन करेंगे।


समारोह के साथ ही प्रशिक्षु कैडेट्स के जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय पूरा होगा और वे राष्ट्र सेवा की नई जिम्मेदारी संभालेंगे। यह आयोजन न केवल भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है, बल्कि देश की रक्षा के लिए समर्पित नई पीढ़ी के सैन्य अधिकारियों के संकल्प और प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

