

स्थान : मंगलौर
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड सरकार जहां जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार पर सख्ती की बात कर रही है, वहीं हरिद्वार जनपद के नारसन विकासखंड अंतर्गत हरजौली जट गांव में विकास कार्यों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। गांव के एक ग्रामीण ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत की है।


शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अतुल प्रताप जांच के लिए हरजौली जट गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंचकर पक्ष और विपक्ष दोनों की बातें सुनीं तथा ग्रामीणों से भी जानकारी ली।


शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांव में कराए गए कई विकास कार्यों में अनियमितताएं बरती गई हैं। उनका कहना है कि वह लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक केवल खानापूर्ति ही की गई है और मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


ग्रामीण ने विशेष रूप से मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता का अभाव है तथा सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।

जांच के दौरान गांव में काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें और समस्याएं भी रखीं। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप ने बताया कि शिकायत के आधार पर गांव में जांच-पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और सभी तथ्यों को गंभीरता से परखा जा रहा है।


डीपीआरओ ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले को लेकर गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

