

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट


चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में नेपाल सीमा से लगे पंचेश्वर घाटी में मंगलवार शाम लगभग 4 बजे के बाद आए भीषण तूफान ने किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। करीब पौन घंटे तक चले इस तूफान से आम और लीची के बागानों को गंभीर क्षति हुई है।


स्थानीय काश्तकार ओंकार सिंह धोनी ने बताया कि अचानक आए तेज तूफान से आम और लीची के पेड़ों की टहनियां टूट गईं और फलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके बागानों से लगभग चार से पांच कुंतल आम टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।


उन्होंने आगे बताया कि पंचेश्वर के ग्राम भकुंडा में भी काश्तकार तेज सिंह, वीर सिंह सामंत सहित अन्य किसानों के आम के बागानों को नुकसान पहुंचा है। वहीं उन्नत काश्तकार मोहन चंद्र पंत, श्याम पंत, जयदत्त पंत सहित कई अन्य किसानों की फसल भी तूफान की चपेट में आ गई।


किसानों के अनुसार कुंतलों के हिसाब से आम समय से पहले ही पेड़ों से गिर गया, जिससे पूरे क्षेत्र के काश्तकारों में मायूसी है। किसानों ने प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
ओंकार सिंह धोनी ने बताया कि राजस्व विभाग को घटना की सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि घाटी क्षेत्र में आम और लीची किसानों की आजीविका का प्रमुख साधन है, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है।

तूफान से क्षेत्र में दो टीन शेड को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। फिलहाल किसानों में भारी निराशा का माहौल है और वे प्रशासनिक मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।



