

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट


लोहाघाट में प्रस्तावित रोडवेज बस स्टेशन और छमनिया वर्कशॉप निर्माण कार्य करीब एक वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। एससीपी योजना के तहत 7.16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट को लेकर नगरवासियों और रोडवेज कर्मचारियों में भारी उत्साह था, लेकिन वित्तीय स्वीकृति न मिलने से निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।


दरअसल, लोहाघाट के स्टेशन बाजार स्थित रोडवेज कार्यालय में टिकट काउंटर, अकाउंट ऑफिस, स्टेशन इंचार्ज कक्ष, चालक-परिचालक विश्राम कक्ष सहित कई सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित था। वहीं छमनिया स्थित वर्कशॉप में एजीएम कार्यालय, फोरमैन कक्ष, स्टोर रूम, वर्कशॉप कक्ष और वॉशिंग स्टेशन बनाए जाने थे।


निर्माण कार्य की जिम्मेदारी पेयजल निर्माण निगम को सौंपी गई थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार निर्माण के लिए विस्तृत एस्टिमेट तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। एससीपी योजना में बजट की कमी के चलते निर्माण कार्य में लगातार देरी हो रही है।


रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान में वे कच्चे टिनशेड के नीचे काम करने को मजबूर हैं। बरसात के दौरान छत टपकने से कार्यालय में काम करना मुश्किल हो जाता है, जबकि आंधी-तूफान के समय पेड़ गिरने का खतरा भी बना रहता है।

लोहाघाट रोडवेज के एजीएम वर्मा ने बताया कि पक्के भवन के अभाव में कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी से आने वाले चालक और परिचालकों के लिए विश्राम कक्ष न होने से भी परेशानी बढ़ रही है।


उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य के लिए मिट्टी की जांच पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बाद की कार्रवाई की जानकारी विभाग को नहीं मिल पाई है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जल्द भवन निर्माण शुरू होगा, लेकिन एक साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।


रोडवेज कर्मियों और स्थानीय जनता का कहना है कि जब निर्माण प्रस्ताव आया था, तब नगर में खुशी का माहौल था और लोगों ने मिठाइयां तक बांटी थीं। लोगों को उम्मीद थी कि वर्षों पुरानी समस्याओं से जल्द राहत मिलेगी, लेकिन अब परियोजना के लंबा खिंचने से निराशा बढ़ने लगी है।
नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों और रोडवेज कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन से जल्द बजट जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित और बेहतर कार्यस्थल मिल सके तथा यात्रियों को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल पाए।

