नीट परीक्षा सुधारों पर सरकार-सीजेपी वार्ता बेनतीजा, आज फिर होगी निर्णायक बैठक

नीट परीक्षा सुधारों पर सरकार-सीजेपी वार्ता बेनतीजा, आज फिर होगी निर्णायक बैठक

ब्यूरो रिपोर्ट

नीट परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार और काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच जारी वार्ता फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। शुक्रवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में करीब दो घंटे तक चली तीसरे दौर की बैठक बिना किसी अंतिम निर्णय के समाप्त हुई। अब दोनों पक्ष शनिवार को एक बार फिर आमने-सामने होंगे, जहां गतिरोध समाप्त करने की कोशिश की जाएगी।

सरकार ने आंदोलनरत युवाओं की तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सहमति नहीं बन सकी। सीजेपी इसे आंदोलन का प्रमुख मुद्दा मानते हुए पीछे हटने को तैयार नहीं है, जबकि सरकार इस मांग को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं दिख रही है। बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि सीजेपी का प्रतिनिधित्व सौरव दास और आशुतोष रांका ने किया।

बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा कि परीक्षा सुधारों और युवाओं की मांगों पर सकारात्मक माहौल में विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बैठक में समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। अब सभी की निगाहें शनिवार दोपहर होने वाली वार्ता पर टिकी हैं।

इस बीच केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित तरीकों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और सख्त बनाने की तैयारी तेज कर दी है। कैबिनेट ने संशोधित विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के दोषियों के लिए न्यूनतम सजा पांच वर्ष, अधिकतम 10 वर्ष की कैद तथा 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों और विशेष जांच व्यवस्था की भी तैयारी की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार देर रात वीडियो संदेश जारी कर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने परीक्षा सुधारों को लेकर मिले सुझावों के लिए युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से सकारात्मक सहयोग बनाए रखने की अपील भी की।

उधर, परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में तैनात 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने की कार्रवाई की है। सरकार ने एनटीए के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर नए पेशेवर अधिकारियों की नियुक्ति, समर्पित परीक्षा केंद्रों की स्थापना, सुरक्षित सॉफ्टवेयर के विकास तथा अन्य सुधारों पर तेजी से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं।