

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


देहरादून परिवहन विभाग के एक इंस्पेक्टर पर लगे कथित रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।


परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए जांच समिति का गठन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।


मंत्री ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच केवल निलंबित दरोगा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क और संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप बत्रा ने कहा कि दोष सिद्ध होने पर संबंधित लोगों को सेवा से बर्खास्त तक किया जा सकता है। सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले देहरादून के हरावाला क्षेत्र में परिवहन विभाग के एक दरोगा पर हर महीने 8000 रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।


वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों और आम लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल जांच समिति पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और विभागीय स्तर पर भी गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

