

स्थान :चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट


चंपावत/लोहाघाट जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) अधिकारियों को ऑल वेदर सड़क के गड्ढे भरने, झाड़ियों के कटान और कलमठ निर्माण कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके एनएच विभाग पर इन आदेशों का कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है।


लोहाघाट-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्कल धारे के पास सड़क में बना बड़ा गड्ढा विभागीय लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है। यह गड्ढा लगातार दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है और कई दुपहिया वाहन चालक यहां गिरकर घायल हो चुके हैं।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले की जानकारी होने के बावजूद एनएच अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं और किसी बड़े हादसे का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। इससे क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी बनी हुई है।


बलाई ग्राम प्रधान जीवन सिंह बिष्ट, भुवन गहतोड़ी और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कई महीनों से अक्कल धारे के सामने सड़क पर यह बड़ा गड्ढा बना हुआ है। बंद नालियों के कारण इसमें हमेशा पानी भरा रहता है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यहां से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालक अक्सर असंतुलित होकर गिर जाते हैं। वहीं पानी भरने आने वाले लोगों और पैदल चलने वाले ग्रामीणों व स्कूली बच्चों को भी वाहनों के छींटों और कीचड़ से दो-चार होना पड़ता है।


लोगों ने बताया कि जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एनएच विभाग गड्ढों को भरने और सड़क सुधार कार्य में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। इसके अलावा कलमठ निर्माण कार्य भी महीनों से अधूरा पड़ा है, जिससे क्षेत्र में आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।



ग्रामीणों के अनुसार कार्य स्थल पर न तो कोई अभियंता मौजूद रहता है और न ही ठेकेदार। निर्माण कार्य केवल मजदूरों के भरोसे छोड़ दिया गया है, जिससे कार्य की गति बेहद धीमी बनी हुई है।
ग्राम प्रधान जीवन सिंह बिष्ट ने बताया कि कई बार एनएच के अधिशासी अभियंता और संबंधित जूनियर अभियंता से गड्ढा भरने की मांग की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। उन्होंने कहा कि जब विभाग जिलाधिकारी के आदेशों की अनदेखी कर सकता है तो आम जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को कितना महत्व दिया जाएगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जानलेवा गड्ढों को भरने और बंद पड़ी नालियों को खोलने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में यहां कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी एनएच विभाग के अधिकारियों की होगी।

