यूसीसी के तहत उत्तराखंड में पहला आपराधिक मुकदमा दर्ज

यूसीसी के तहत उत्तराखंड में पहला आपराधिक मुकदमा दर्ज

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार/रुड़की उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत देश का पहला आपराधिक मुकदमा रुड़की के बुग्गावाला थाने में दर्ज किया गया है। मामला ट्रिपल तलाक, हलाला, दहेज उत्पीड़न और वैवाहिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है। इस मुकदमे के दर्ज होने के बाद कानूनी और सामाजिक हलकों में इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से ही उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। महिला का कहना है कि ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाती थी और मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे घर से निकाल दिया गया। शिकायत के अनुसार आरोपी पक्ष ने तीन तलाक देकर वैवाहिक संबंध समाप्त करने की कोशिश की और हलाला के लिए दबाव भी बनाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बुग्गावाला पुलिस ने शिकायत का परीक्षण करने के बाद यूसीसी के प्रावधानों सहित अन्य लागू धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में नौ नामजद आरोपियों को शामिल करते हुए जांच शुरू कर दी है।

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद यह पहला आपराधिक मामला माना जा रहा है। ऐसे में इसे यूसीसी के व्यावहारिक क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस दस्तावेजी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में यूसीसी से जुड़े अन्य मामलों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन सकता है। वहीं सामाजिक संगठनों की नजर भी इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले में निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।