नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने चंपावत दौरे में कांग्रेस पर साधा निशाना, महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप

नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने चंपावत दौरे में कांग्रेस पर साधा निशाना, महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

नैनीताल सांसद अजय भट्ट बुधवार चंपावत जिले के दौरे पर रहे। चंपावत पहुंचने पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।

भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद अजय भट्ट ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मातृ शक्ति की तरक्की के सबसे बड़े विरोधी हैं और उन्होंने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ने से रोका है।

अजय भट्ट ने कहा कि 70 वर्षों तक महिलाओं को राजनीति में बराबरी का अधिकार नहीं दिया गया, और जब बदलाव का अवसर आया तो विपक्ष ने उसे रोकने का प्रयास किया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों और सपनों के खिलाफ कदम बताया।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक बिल की हार नहीं है, बल्कि करोड़ों महिलाओं के सपनों पर प्रहार है, जो लंबे समय से अपने अधिकारों का इंतजार कर रही थीं। उनके अनुसार विपक्ष ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर गंवा दिया।

सांसद भट्ट ने कहा कि 70 सालों से महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन जब वास्तविक अधिकार देने की बात आई तो विपक्ष पीछे हट गया। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आगे कहा कि देश में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के समय उन्हें रोका जा रहा है। यह विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

अजय भट्ट ने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने इसे महिला विरोधी सोच का उदाहरण बताया।

अंत में सांसद ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल भविष्य में अवश्य लागू होगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे जनहित के मामलों का विरोध कर रहे हैं, जिसका खामियाजा उन्हें आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा।