बाघ और हाथी के हमलों से दहशत, पीड़ित परिवारों से मिले जनप्रतिनिधि

बाघ और हाथी के हमलों से दहशत, पीड़ित परिवारों से मिले जनप्रतिनिधि

स्थान : कालाढूंगी
ब्यूरो रिपोर्ट

सूर्या गांव में बाघ के हमले में स्वर्गीय हंसी देवी की मृत्यु के बाद क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से भेंट कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इस दौरान ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई।

घटना के बाद संबंधित अधिकारियों से वार्ता करते हुए जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) सहित विभागीय अधिकारियों को स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया।

प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने मांग रखी कि आदमखोर वन्यजीव को तुरंत पकड़ने या आवश्यक कार्रवाई करते हुए समाप्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। साथ ही गांवों में वन विभाग की गश्त को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे लोग जंगलों की ओर कम जाएं और जोखिम कम हो। इसके अलावा गांव में सौर ऊर्जा आधारित लाइटें लगाने की मांग की गई, ताकि रात के समय सुरक्षा बेहतर हो सके।

सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सौर ऊर्जा आधारित फेंसिंग लगाने की भी मांग उठाई गई। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे जंगली जानवरों की गांव में आवाजाही को रोका जा सकेगा और ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

वहीं कालाढूंगी क्षेत्र में भूपेंद्र सिंह की हाथी के हमले में हुई मौत को भी बेहद दुखद और चिंताजनक बताया गया। जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

इस मामले में प्रशासन से तत्काल मुआवजा देने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई। नीरज तिवारी ने कहा कि प्रशासन को इस तरह की घटनाओं पर गंभीरता से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।