
ब्यरो रिपोर्ट

सोने की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है, लेकिन दिग्गज इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स की नई रिपोर्ट राहत दे सकती है। बैंक ने साफ कर दिया है कि वह सोने के भविष्य को लेकर पूरी तरह ‘बुलिश’ है।


गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि साल 2026 के अंत तक सोने के दाम $5,400 प्रति औंस, यानी भारतीय करेंसी में लगभग 1.61 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम, के रिकॉर्ड स्तर को छू सकते हैं।

सोने में तेजी के मुख्य कारण
विश्लेषक लीना थॉमस और डान स्ट्रुयवेन के मुताबिक, सोने में उछाल के पीछे दो बड़े कारण हैं:

- केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं और यह सिलसिला जारी रहेगा।
- ब्याज दरों में कटौती: अमेरिका में इस साल दो और ब्याज दरों में कटौती होने की उम्मीद है, जो सोने के लिए बड़ा बूस्टर साबित होगी।
शॉर्ट टर्म में जोखिम

रिपोर्ट में चेतावनी भी दी गई है कि कुछ कम समय के जोखिम बने हुए हैं। यदि ऊर्जा सप्लाई संकट गहराता है, तो सोने की कीमतें गिरकर $3,800 प्रति औंस (लगभग 84,000 रुपए प्रति 10 ग्राम) तक आ सकती हैं। वहीं, अगर ईरान जैसे देशों में युद्ध जैसी घटनाएं होती हैं और निवेशकों का भरोसा पश्चिमी संपत्तियों से कम होता है, तो सोने में जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है।
गिरावट सिर्फ अस्थायी
युद्ध के बाद से सोने में करीब 13% की गिरावट आई है, क्योंकि निवेशकों ने शेयर बाजार में नुकसान की भरपाई के लिए गोल्ड बेचा। लेकिन गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी है।


बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक अपनी करेंसी बचाने के लिए सोना नहीं बेचेंगे, बल्कि अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड का इस्तेमाल करेंगे। अनुमान है कि हर महीने औसतन 60 टन सोने की सरकारी खरीदारी की जाएगी, जो कीमतों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।


