
स्थान : पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर चल रही प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को 11वें दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते प्रदेश में अधिकांश निर्माण कार्य ठप पड़ गए हैं और विकास कार्यों की रफ्तार पर असर साफ दिखाई दे रहा है।


27 सूत्रीय मांगों को लेकर 23 मार्च से शुरू हुआ यह आंदोलन अब और तेज होता जा रहा है। सरकार के साथ अब तक सहमति न बनने के कारण इंजीनियर्स ने अपने रुख को और सख्त कर दिया है।


पौड़ी के कंडोलिया स्थित निरीक्षण भवन में इंजीनियर्स लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में इंजीनियर्स यहां एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।


इंजीनियर्स की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति का समाधान, एसीपी लाभ, 5400 ग्रेड पे की मांग, पुरानी पेंशन बहाली और पदोन्नति व्यवस्था में सुधार शामिल हैं।
हड़ताल का दायरा अब और बढ़ गया है। 1 अप्रैल से जल संस्थान और पेयजल निगम के इंजीनियर्स भी इस आंदोलन में शामिल हो गए हैं, जिससे जनसेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

इंजीनियर्स का कहना है कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो हड़ताल को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

वहीं, सरकार और महासंघ के बीच वार्ता की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।

