
क्रिकेट जगत में सत्र 2026-27 के लिए बड़ा फैसला सामने आया है, जहां क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट्स की घोषणा कर दी है। इस बार दोनों बोर्ड्स ने कई चौंकाने वाले फैसले लिए हैं, जिसमें बड़े खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।


ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो सबसे बड़ा झटका ग्लेन मैक्सवेल और झे रिचर्डसन को लगा है, जिन्हें कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। वहीं, जेक वेदराल्ड को शामिल कर चयनकर्ताओं ने सबको चौंका दिया है।

इसके अलावा माइकल नेसर, ब्रेंडन डॉगेट और टॉड मर्फी को शानदार प्रदर्शन का इनाम देते हुए टीम में जगह दी गई है। खासकर एशेज में नेसर के प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला अहम माना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने कहा कि टीम चयन में भविष्य के शेड्यूल और संतुलन को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने साफ किया कि आने वाले समय में अलग-अलग परिस्थितियों में अलग खिलाड़ियों की जरूरत पड़ेगी।


वहीं दक्षिण अफ्रीका ने इस बार दो तरह के कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पेश किए हैं—फुल और हाइब्रिड। फुल कॉन्ट्रैक्ट में टेम्बा बावुमा, एडेन मार्करम और कगिसो रबाडा जैसे बड़े खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिन्हें पूरे साल राष्ट्रीय टीम के लिए उपलब्ध रहना होगा।
हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट में केवल साइमन हार्मर को जगह मिली है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और फ्रेंचाइजी लीग के बीच संतुलन बनाने की छूट मिलेगी।


दक्षिण अफ्रीका की लिस्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि डेविड मिलर, रसी वान डर डुसेन, रीजा हेंड्रिक्स और गेराल्ड कोएत्जी जैसे बड़े नामों को रिटेन नहीं किया गया।

कुल मिलाकर दोनों क्रिकेट बोर्ड्स के ये फैसले यह दिखाते हैं कि अब टीमें भविष्य, फिटनेस और फॉर्म को प्राथमिकता दे रही हैं। साथ ही फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव के बीच खिलाड़ियों और बोर्ड्स के बीच संतुलन बनाना भी एक बड़ी चुनौती बन चुका है।

