
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने रविवार रात सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (पीसीएस)-2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया। इस बार परिणाम में महिलाओं का दबदबा दिखाई दिया। शीर्ष दस रैंक में से छह रैंक महिलाओं के नाम रही, जिसमें दूसरे स्थान पर रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी हैं।


अनन्या ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित संसाधनों का उपयोग करके दूसरी रैंक प्राप्त की। उनके पिता की दुकान है और मां सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं। अनन्या का पालन-पोषण कोतवाली थाना क्षेत्र के डीह ब्लॉक में हुआ।

अनन्या ने बीएचयू से सामाजिक विज्ञान में परास्नातक की डिग्री हासिल की, जिसमें उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला। उन्होंने बताया कि यह सफलता उनके लिए विश्वास से परे थी। मेन्स क्वालिफाई होने पर उन्हें यकीन नहीं हुआ कि उन्होंने दूसरी रैंक हासिल की है। उनका कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, निरंतर मेहनत करना ही इसका मूल मंत्र है।

अनन्या ने अपनी तैयारी में रोजाना पांच-छह घंटे पढ़ाई की। परीक्षा के दो-तीन महीने पहले उन्होंने इसे बढ़ाकर आठ घंटे किया। उनका कहना है कि सफलता पाने के लिए विषय की सही योजना और नियमित अभ्यास जरूरी है। वह घर से ही तैयारी करती रही और इस दौरान माता-पिता का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहा।
उनके बड़े भाई केंद्रीय सेवा में कार्यरत हैं। अनन्या ने बताया कि पीसीएस 2024 में उनकी सफलता में मां और मामा का भी बड़ा योगदान रहा। अब वे सरकार द्वारा मिलने वाली जिम्मेदारियों का अच्छे से निर्वहन करना चाहती हैं और भविष्य में यूपीएससी क्रैक करने का भी प्रयास करेंगी।

अनन्या का मानना है कि सिविल सेवा समाज सेवा का सबसे बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। वे भविष्य में जलवायु संकट जैसे मुद्दों पर काम करने की भी इच्छा रखती हैं। उनका कहना है कि यह सफलता अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि एक लॉन्चिंग पैड है।

अनन्या ने कहा कि उन्होंने किसी नामी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उन्होंने ऑनलाइन स्रोतों और चैट जीपीटी का उपयोग करके अपनी तैयारी को और प्रभावी बनाया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा में लो मोमेंट्स और असफलताओं को मैनेज करना भी बेहद जरूरी है।
अनन्या ने अपनी मां को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया। उनकी मां ने घर के कामों के साथ बच्चों की पढ़ाई में निरंतर योगदान दिया। अनन्या ने कहा कि उनकी मां की ईमानदारी और समर्पण उनके लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, जिसने उन्हें सफलता की राह पर आगे बढ़ाया।

