

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट


चम्पावत। शासकीय कार्यालयों में कार्य संस्कृति को सुधारने और अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार ने शुक्रवार को सिंचाई विभाग, चम्पावत कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय पर अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय की उपस्थिति पंजिका का गहन अवलोकन किया। इसमें अधिशासी अभियंता सहित कुल छह अधिकारी एवं कर्मचारी ड्यूटी समय पर अनुपस्थित पाए गए, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठे।


अनुपस्थित पाए गए कार्मिकों में अधिशासी अभियंता विमल कुमार सूठा, अपर सहायक अभियंता टिंकू सिंह, प्रशासनिक अधिकारी पंकज रावत, हरेन्द्र सिंह नेगी, कनिष्ठ अभियंता तनुजा तथा अनुसेवक पुष्कर दत्त शामिल रहे। सभी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिशासी अभियंता के स्वयं कार्यालय में समय पर उपस्थित न होने को गंभीर लापरवाही मानते हुए उनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारी से स्वयं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा।
इसके अलावा अधिशासी अभियंता के माध्यम से सभी अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से तीन दिन के भीतर जवाब तलब करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समयबद्ध जवाब नहीं मिलने पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समयावधि में प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि सहित विभागीय कार्यवाही हेतु उच्च स्तर पर संस्तुति भेजी जाएगी।


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ कहा कि शासकीय कार्यालयों में अनुशासन, जवाबदेही और कार्य के प्रति गंभीरता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस औचक निरीक्षण के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप की स्थिति देखी गई और कर्मचारियों में अनुशासन को लेकर सख्ती का संदेश स्पष्ट रूप से गया।

