
स्थान : बाजपुर

ब्यरो रिपोर्ट

बाजपुर शुगर फैक्ट्री में तहसील प्रशासन और भारी पुलिस बल अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे, लेकिन वहां हड़कंप मच गया। फैक्ट्री परिसर में प्रशासन की कार्रवाई का स्थानीय लोग और राजनीतिक प्रतिनिधि विरोध करने लगे।


इस दौरान जिला पंचायत सदस्य जितेन्द्र शर्मा शोनू और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजकुमार ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर प्रशासन की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।


जिला पंचायत सदस्य शोनू शर्मा ने कहा कि प्रशासन को संवाद के जरिए समस्या का समाधान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि वे किसी भी मजदूर का आशियाना उजड़ने नहीं देंगे।

जानकारी के अनुसार, शुगर फैक्ट्री प्रशासन ने लगभग 153 घरों को गिराने के लिए नोटिस जारी किया था। प्रशासन बुल्डोजर कार्यवाही के लिए भारी पुलिस बल के साथ फैक्ट्री में गया था।

हालांकि, स्थानीय लोगों और नेताओं के विरोध के चलते तहसील प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और किसी भी घर को गिराया नहीं जा सका। यह घटना इलाके में लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।


स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई बिना संवाद के की जा रही थी, जिससे उनकी सुरक्षा और आजीविका खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि सभी पक्षों के साथ बातचीत के बाद ही कोई कार्रवाई की जाए।
इस घटना से यह स्पष्ट हो गया कि अतिक्रमण हटाने जैसी संवेदनशील कार्रवाई के लिए प्रशासन को स्थानीय समुदाय और नेताओं से सहयोग लेना अनिवार्य है। भविष्य में प्रशासन और फैक्ट्री अधिकारियों के लिए संवाद और समन्वय पर जोर देने की आवश्यकता है।

