
लोकेशन :- नरेंद्रनगर
ब्यरो रिपोर्ट

नरेंद्रनगर स्थित सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट Shreya Gupta की अदालत में आयोजित लोक अदालत के दौरान विभिन्न मामलों से जुड़े 210 वादों का निस्तारण किया गया। समझौते के आधार पर इन मामलों से 12 लाख 62 हजार 813 रुपये की धनराशि की वसूली भी की गई।


इन वादों में कई प्रकार के मामले शामिल थे, जिनमें Negotiable Instruments Act Section 138 से जुड़े मामले, महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा, सिविल प्रकृति के विवाद और Motor Vehicles Act से संबंधित मामले शामिल थे।

इस अवसर पर न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रेय गुप्ता ने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से लोगों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण न्याय मिलता है। इससे जहां गरीब और जरूरतमंद लोगों को राहत मिलती है, वहीं न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।


उन्होंने कहा कि लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवाद का समाधान होता है, जिससे आपसी भाईचारा और सौहार्द भी बना रहता है।
कार्यक्रम के दौरान समझौते के बाद दोनों पक्ष संतुष्ट और खुश नजर आए। कई मामलों में आपसी सहमति से विवाद सुलझने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

इस दौरान एक मानवीय पहल भी देखने को मिली। आर्थिक रूप से कमजोर महिला प्रेमलता के पास समझौते की राशि चुकाने के लिए पैसे नहीं थे और उनका पति अस्पताल में भर्ती था। ऐसे में अधिवक्ता Pramod Negi ने स्वयं आगे आकर उनकी ओर से राशि जमा कर दी।


प्रेमलता ने भावुक होकर अधिवक्ता प्रमोद नेगी का आभार जताया और कहा कि उनका परिवार हमेशा उनका ऋणी रहेगा। अधिवक्ता प्रमोद नेगी के इस कदम की सभी ने सराहना की। उल्लेखनीय है कि उनके पिता स्वर्गीय Soban Singh Negi भी गरीब और असहाय लोगों के मुकदमे मुफ्त में लड़ने के लिए जाने जाते थे और आज भी लोग उन्हें सम्मान के साथ याद करते हैं।

