
स्थान : ऋषिकेश
ब्यरो रिपोर्ट

तीर्थ नगरी ऋषिकेश में उत्तर प्रदेश के चर्चित संत यति नरसिंहानंद सरस्वती पहुंचे, जहां उनका स्थानीय संगठनों और समर्थकों ने स्वागत किया। इस दौरान राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र भटनागर और अन्य कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। कई स्थानीय लोगों ने घरों की छतों से पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया।


मीडिया से बातचीत में यति नरसिंहानंद ने बताया कि वह ऋषिकेश में मां बगलामुखी और मां महाकाली के यज्ञ के आयोजन के लिए पहुंचे हैं। उनके अनुसार इस यज्ञ का उद्देश्य धार्मिक आस्था के माध्यम से देश के शत्रुओं के विनाश और समाज में सद्बुद्धि की कामना करना है।

उन्होंने कहा कि मां बगलामुखी और मां महाकाली को शत्रु नाश और शक्ति की देवी माना जाता है, इसलिए इन देवियों की आराधना के माध्यम से देश और धर्म की रक्षा की प्रार्थना की जाएगी।


इस दौरान उन्होंने धार्मिक स्थलों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के पवित्र और तीर्थ स्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश से वहां की आध्यात्मिक ऊर्जा प्रभावित होती है।
यति नरसिंहानंद ने Badrinath Temple और Kedarnath Temple जैसे धामों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध का स्वागत किया और कहा कि इस प्रकार के निर्णय अन्य धार्मिक स्थलों पर भी लागू होने चाहिए। हाल ही में बदरी-केदार मंदिर समिति ने भी कई मंदिरों में केवल सनातन धर्म के अनुयायियों के प्रवेश की व्यवस्था पर विचार किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में कुंभ मेले के दौरान भी कुछ संतों ने इस प्रकार की पहल की थी, हालांकि उसे पूरी तरह सफलता नहीं मिल सकी। उनके अनुसार इस दिशा में प्रयास धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं।

गौरतलब है कि यति नरसिंहानंद अक्सर अपने तीखे बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं और कई बार उनके बयान विवादों का कारण भी बने हैं।

