
स्थान : लालकुआँ
रिपोर्टर :- मुन्ना अंसारी

गैरसैंण में आयोजित उत्तराखण्ड विधानसभा के बजट सत्र को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उत्तराखण्ड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता नितिन पन्त ने राज्य सरकार के बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इसमें प्रदेश की मूल समस्याओं का ठोस समाधान नजर नहीं आता।


नितिन पन्त ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बजट में कोई स्पष्ट नीति दिखाई नहीं दी। उनके अनुसार सरकार ने इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों को लेकर केवल औपचारिक घोषणाएं की हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।


उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा के भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा को अपनी ही विधानसभा क्षेत्र के लिए एक एक्स-रे मशीन की मांग करनी पड़ रही है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी कमजोर स्थिति में है।

नितिन पन्त ने बजट की तुलना करते हुए कहा कि यह बजट “पुरानी खाली बोतल में शर्बत भरने” जैसा प्रतीत होता है। उनका कहना है कि सरकार ने नई योजनाओं की बजाय पुरानी घोषणाओं को ही दोहराया है, जिससे राज्यवासी अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पहाड़ी राज्य में बागवानी और खेती को विशेष प्रोत्साहन दिए जाने की आवश्यकता है। लेकिन बजट में इन क्षेत्रों को लेकर भी कोई ठोस और प्रभावी योजना सामने नहीं आई है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड में प्राकृतिक आपदाएं लगातार आती रहती हैं, लेकिन आपदा प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार के पास कोई ठोस और स्पष्ट नीति नहीं दिखाई देती।

नितिन पन्त ने कहा कि प्रदेश का युवा वर्ग भी सरकार की नीतियों से निराश है। उनका आरोप है कि रोजगार और विकास को लेकर किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

