
स्थान : लालकुआं
ब्यरो रिपोर्ट

लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के बिन्दुखत्ता में अशोक चक्र से सम्मानित शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम से स्वीकृत मिनी खेल स्टेडियम का निर्माण मामला दस साल बाद भी अधर में लटका हुआ है। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता नितिन पंत ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर शहीदों की अनदेखी का आरोप लगाया।


नितिन पंत ने बताया कि 2 सितंबर 2015 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा जंगल में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए लालकुआं निवासी सैनिक मोहन नाथ गोस्वामी शहीद हो गए थे। इस दौरान उन्होंने 10 आतंकवादियों को मार गिराया था। उनकी वीरता को मान्यता देते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया।


प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उनके सम्मान में मिनी खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए 12 एकड़ जमीन विभाग को आवंटित की गई और निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की टोकन राशि भी दी गई थी। लेकिन अब तक दस साल बीत जाने के बावजूद स्टेडियम का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।


नितिन पंत ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद भी शहीदों की भावनाओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता इस बात का प्रमाण है कि वह सैनिकों और उनकी बलिदानी परिवारों के प्रति गंभीर नहीं है।

पूर्व प्रदेश प्रवक्ता ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा विधानसभा में स्टेडियम निर्माण की मांग उठाई जाती है, लेकिन भाजपा सरकार के नौ साल पूरे होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने इसे चुनावी जुमला बताया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता इस मामले को लेकर बेहद निराश है और जल्द से जल्द स्टेडियम के निर्माण की मांग कर रही है। नितिन पंत ने साफ कहा कि यदि इस ओर जल्दी ध्यान नहीं दिया गया तो वे और क्षेत्रवासी मिलकर सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे।

नितिन पंत ने चेतावनी दी कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान और उनके परिवारों के अधिकारों की अनदेखी अब स्वीकार्य नहीं है।

