
स्थान : गैरसैंण
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और यहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। इस मुद्दे को आज बजट सत्र के दौरान सदन में भी उठाया गया। कांग्रेस के मंगलौर विधायक काज़ी निजामुद्दीन ने भूकंप चेतावनी यंत्रों की स्थिति पर सवाल खड़े किए।


विधायक ने बताया कि जब उन्होंने विभागीय मंत्री से भूकंप चेतावनी यंत्रों के बारे में सवाल किया, तो मंत्री ने बताया कि राज्य में कुल 169 यंत्र लगाए गए हैं। हालांकि, ये सभी यंत्र बिजली से चलते हैं और बिजली जाने पर ये काम नहीं करेंगे।


निजामुद्दीन ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर इसी दौरान भूकंप आता है तो लोग समय पर सचेत कैसे हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई वैकल्पिक व्यवस्था राज्य में मौजूद नहीं है।


विधायक ने यह भी कहा कि विभागीय मंत्री ने भविष्य में 500 और यंत्र लगाने की बात कही है, लेकिन उनके पास इसके लिए कोई ठोस योजना नहीं है। इसके चलते लगता है कि सरकार भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के लिए पर्याप्त तैयार नहीं है।
सदन में विधायक का कहना था कि भूकंप चेतावनी प्रणाली का सही संचालन और वैकल्पिक बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करना अत्यंत जरूरी है। उनका कहना था कि जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि भूकंप चेतावनी यंत्रों की विश्वसनीयता बढ़ाने, बैकअप बिजली और तकनीकी सुधार पर तत्काल कदम उठाए जाएं। इससे आपदा प्रबंधन और समय पर सचेत करने की क्षमता मजबूत होगी।

सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद विशेषज्ञ और संबंधित विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में ठोस योजना बनाने का निर्देश देने की संभावना जताई गई है। जनता और विशेषज्ञ इस कदम का स्वागत कर रहे हैं।

