
स्थान : काशीपुर
ब्यरो रिपोर्ट

उधम सिंह नगर में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को लेकर हाहाकार की स्थिति बन गई है। एक ओर लगातार बढ़ती महंगाई और दूसरी ओर सप्लाई में कटौती ने आम लोगों की रसोई और व्यापारियों के कारोबार पर दोहरी मार डाल दी है।


पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने पहले ही लोगों का बजट बिगाड़ रखा था, लेकिन अब कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसका असर सीधे होटल, ढाबे, कैटरिंग और फूड कारोबार से जुड़े लोगों पर पड़ रहा है।

इन दिनों शादी का सीजन भी चरम पर है, ऐसे में कैटरर्स और हलवाई गैस सिलेंडर की कमी से परेशान हैं। कई जगह हालात ऐसे हैं कि शादियों में खाने के मेन्यू से ज्यादा चिंता गैस सिलेंडर की व्यवस्था को लेकर हो रही है।


मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी रसोई चलाना मुश्किल होता जा रहा है। गैस एजेंसियों पर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नितिन भदौरिया ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि घरेलू गैस की सप्लाई में फिलहाल कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग से बचें।

हालांकि प्रशासन ने व्यावसायिक गैस के इस्तेमाल पर 80 प्रतिशत की कैपिंग लागू कर दी है, ताकि अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं में गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो। इस फैसले से व्यापारियों की परेशानी जरूर बढ़ गई है।

प्रशासन का कहना है कि यह समस्या वैश्विक स्तर पर उत्पन्न हुए ऊर्जा संकट के कारण पैदा हुई है। हालांकि लोगों के बीच सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर कब तक आम आदमी महंगाई और गैस किल्लत की इस मार को झेलेगा।
प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति जारी है, लेकिन कारोबारियों के लिए आने वाले दिन किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं माने जा रहे हैं।

